सोमनाथ चटर्जी के निधन से देश भर में शोक की लहर

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लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी का निधन

लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष तथा सदन में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने वाले वरिष्ठ सांसद श्री सोमनाथ चटर्जी का दिल का दौरा पड़ने से सोमवार को निधन हो गया। सोमनाथ चटर्जी 89 वर्ष के थे। सोमनाथ चटर्जी ३ वर्षों से कई बीमारियों से ग्रस्त थे। सोमनाथ चटर्जी को पिछले महीने मस्तिष्क में रक्तस्राव हुआ था।उनका इलाज पिछले 40 दिनों से चल रहा था और स्वास्थ्य में सुधार होने के चलते उन्हें तीन दिन के लिए अस्पताल से छुट्टी दी गई थी। उनका स्वस्थ्य ज्यादा बिगड़ने से 7 अगस्त (मंगलवार) को उन्हें कोलकाता के नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था, जहाँ 13 अगस्त (सोमवार) की सुबह दिल क दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।

अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी जानकारी दी कि उनको किडनी से सम्बंधित बिमारी थी। उनके कई शारीरिक अंगों ने काम करना बंद कर दिया था और रविवार के दिन उन पर किये जा रहे इलाज का असर होना भी बंद हो गया था। सोमनाथ चटर्जी का विवाह रेणु चटर्जी के साथ हुआ। सोमनाथ चटर्जी के बेटे का नाम प्रताप व उनकी दो बेटियां अनुराधा और अनुशीला है। सोमनाथ चटर्जी भारतीय राजनीति के दिग्गज राजनेता थे। वे एक उत्कृष्ट सांसद, मजबूत नेता और प्रखर वक्ता थे।

 

प्रधानमंत्री सहित कई नेताओं ने व्यक्त किया शोक

पूर्व लोकसभा स्पीकर सोमनाथ जी के निधन पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि “श्री सोमनाथ चटर्जी भारतीय राजनीति के दिग्गज नेता थे, उन्होंने संसदीय लोकतंत्र को समृद्ध किया तथा उन्होंने हमेशा गरीब और कमज़ोर लोगों के कल्याण के लिए आवाज़ उठायी। प्रधानमंत्री मोदी जी ने ट्वीट किया – “मैं सोमनाथ जी के निधन से बहुत दुखी हूँ, मेरी संवेदनाएं उनके परिवार तथा समर्थकों के साथ हैं।”

 

 

लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री सोमनाथ चटर्जी के निधन पर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति संग कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमनाथ चटर्जी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया – “लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष तथा सदन में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने वाले वरिष्ठ सांसद श्री सोमनाथ चटर्जी के निधन के बारे में जानकर दुःख हुआ। बंगाल और पूरे भारत ने एक संवेदनशील लोकसेवक खो दिया है। उनके परिवार और अनगिनत चाहने वालों के प्रति मेरी शोक संवेदनाएं।”

 

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने शोक ज़ाहिर करते हुए ट्विटर पर ट्वीट किया – “लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री सोमनाथ चटर्जी के निधन से मैं दुःखी हूं। वह उत्कृष्ट सांसद थे, जो 10 बार लोकसभा के लिए चुने गए थे। वह बेहद मिलनसार थे तथा उन्होंने सदा गरीबों की आवाज़ उठाई। वह सदा उन सिद्धांतों पर अडिग रहे, जिनमें उनको पूर्ण विश्वास था।”

 

 

वहीं उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ योगी जी ने भी लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी के निधन पर शोक जताते हुए शोक सन्देश दिया। योगी जी ने कहा – “सोमनाथ चटर्जी ने अपने योगदान से भारतीय संसद की गौरवशाली परंपराओं को समृद्ध किया। उन्होंने हमेशा ही गरीब और कमज़ोर तबके के लोगों कि सहायता की तथा वे हमेशा ही उनके हित के लिए आगे आये। वहीं सांसद और लोक सभा अध्यक्ष के तौर पर चटर्जी की सेवाओं को हमेशा याद किया जाएगा।

 

 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने शोक व्यक्त करते हुए कहा – “सोमनाथ चटर्जी भारत के अब तक के सबसे महान लोकसभा अध्यक्षों में से एक थे।” केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, “सोमनाथ चटर्जी के बारे में यह बेहद दुखद खबर है। वे समकालीन समय के सबसे महान संसद सदस्यों में से एक थे। देश उन्हें हमेशा याद करेगा।”

 

 

सोमनाथ चटर्जी के जीवन से जुड़ी खास बातें

1. सोमनाथ चटर्जी का जन्म 25 जुलाई 1929 को असम के तेजपुर जिले में हुआ था। उनके पिताजी का नाम निर्मल चंद्र चटर्जी तथा माता का नाम वीणापाणि चटर्जी था।

2. उनके पिता निर्मल चंद्र चटर्जी भारत की आजादी के समय एक प्रमुख वकील, बौद्धिक और हिंदू पुनरुद्धारवादी और राष्ट्रवादी थे। वे अखिल भारतीय हिंदू महासभा के संस्थापक और एक बार के अध्यक्ष भी थे।

3. सोमनाथ जी ने मित्र इंस्टीट्यूशन स्कूल, प्रेसिडेंसी कॉलेज और फिर कलकत्ता विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण की। 1952 में बीए और 1957 में एमए दोनों में कानून की शिक्षा के लिए 2007 में कॉलेज द्वारा मानद फैलोशिप से सम्मानित किया गया था।

4. सोमनाथ चटर्जी 1973 से 2008 तक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य थे। वह 1971 में लोकसभा के सदस्य बने और सीपीआई (एम) द्वारा समर्थित एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में पहली बार चुने गए। 1971 से 2004 तक वह लगातार सांसद के रुप में चुने गए। 1996 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

5. वर्ष 1996 में सोमनाथ चेटर्जी को उत्कृष्ट संसदीय पुरस्कार तथा 2013 में उन्हें प्रतिष्ठित भारत निर्माण पुरस्कारों में लिविंग लीजेंड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

6. 2008 के मध्य में सीपीआई (एम) ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन वाली सरकार के लिए अपना समर्थन वापस लेने के बाद, पार्टी में चटर्जी का नाम उन सांसदों की सूची में शामिल था, जो अध्यक्ष के रूप में उनकी गैर-पक्षपातपूर्ण स्थिति के बावजूद सरकार से अपना समर्थन वापस ले रहे थे।

7. सोमनाथ चटर्जी का विवाह लालगोला में रहने वाली रेणु चटर्जी से हुआ। सोमनाथ चटर्जी का एक बेटा प्रताप व दो बेटियां अनुराधा व अनुशीला हैं।

8. प्रताप चटर्जी कलकत्ता उच्च न्यायालय में अभ्यास कर रहे हैं।

9. सोमनाथ चटर्जी 2004 में, स्पीकर के रूप में 20 अकबर रोड पर आधिकारिक निवास में चले गए, उन्होंने राष्ट्रीय राजकोष से टॉयलेटरीज़ और चाय के भुगतान के अभ्यास को बंद कर दिया।

10. सोमनाथ चटर्जी अपनी वित्तीय अखंडता के लिए जाने जाते थे। सोमनाथ चटर्जी बहुत मिलनसार थे, उन्होंने हमेशा ही गरीब और कमज़ोर लोगों के हित के लिए आवाज़ उठाई। वे सदैव उनके साथ खड़े रहे। सोमनाथ चटर्जी के निधन से देश भर में शोक की लहर है।

 

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