JNU में लेफ्ट यूनिटी की जीत, चारों सीटों पर किया कब्ज़ा

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ABVP सभी पदों पर रही दूसरे स्थान पर

16 सितम्बर रविवार की दोपहर देश के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव 2018 की मतगणना पूरी हुई। इन नतीजों में सभी सीटों में लेफ्ट यूनिटी ने जीत हांसिल कर अपना लाल परचम लहराया। कैंपस में शुक्रवार को छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान हुए। इस चुनाव के नतीजे आने में काफी समय लगा क्योंकि मतदान के पश्चात छात्र संगठनों के बीच कई बार झड़प हुई जिस कारण मतगणना को कई बार रोकना पड़ा। इतनी रुकावटों के पश्चात 14 घंटों के बाद रविवार को फिर से मतगणना शुरू हुई। मतगणना पूरी होने के बाद नतीजों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और संयुक्त सचिव के पदों पर लेफ्ट यूनिटी ने जीत हांसिल की।

 

वहीं दूसरी ओर दूसरी पार्टी ABVP सभी पदों पर दूसरे स्थान पर रही। बताया जा रहा है कि इस साल कैंपस में 70 फ़ीसदी मतदान हुए थे। आंकड़ों के मुताबिक़ लेफ्ट यूनिटी के प्रत्याशी एन साईं बालाजी ने एबीवीपी के प्रत्याशी ललित पांडेय को 2161 वोटों के अंतर से हरा कर अध्यक्ष पद पर कब्जा कर लिया है। चुनाव नतीजों के बाद लेफ्ट यूनिटी में जश्न का माहौल छा गया। शुक्रवार को कैंपस में दोनों पक्षों के बीच चुनावी महामुकाबला था जिसको ध्यान में रखते हुए कैंपस में भारी संख्या में पुलिस की तैनाती की गयी थी।

आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), स्टूडेंट्स फेडरेशन आफ इंडिया (एसएफआई), डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ) और आल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) ने साथ मिलकर संयुक्त वाम गठबंधन बनाया है। गठबंधन ने स्कूल आफ इंटरनेशनल स्टडीज के एन. एस. बालाजी को अध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है।

 

ABVP के कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों पर हिंसा के आरोप

शुक्रवार को कैंपस में छात्र संघ चुनाव के लिए मतदान हुए परन्तु मतदान के दौरान और उसके पश्चात भी दोनों पक्ष के कार्यकर्ताओं के बीच काई बार झड़प हुई। शनिवार को दोनों की छात्र गुट चुनाव समिति से भिड़ गए जिसके चलते कई बार मतगणना को रोकना पड़ा। इन्ही कारणों से कैंपस में भरी संख्या में पुलिस की तैनाती की गयी थी। वाम संगठनों ने आरोप लगाया कि ABVP के कार्यकताओं व उम्मीदवारों ने देर रात कैंपस में उत्पात मचाया। सभी पदों से हार की खबर से ABVP के समर्थकों ने कई जगह तोड़फोड़ की।

इसके अलावा CPM ने भी JNU पर हिंसा का आरोप लगाते हुए ट्वीट किया है – “लेफ्ट यूनिटी ने एकतरफा जेएनयू चुनाव जीत लिया है। आरएसएस का संगठन ABVP इस हार को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है और यही वजह है कि हिंसा और मारपीट के जरिए वो चुनाव को रद्द कराना चाहते हैं। सीपीएम की ओर से इस मामले में जेएनयू प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल उठाए गए हैं।”

इसके अलावा स्वरा भास्कर ने भी ट्वीट कर कहा – “ABVP के छात्र लाठी-डंडे लेकर कैंपस में उत्पात मचा रहे हैं, साथ ही डीयू से भी छात्रों को बुलाया गया है। मीडिया और पुलिस को कैंपस में एंट्री से मनाही है, एबीवीपी अब तक की मतगणना में सभी सीटें हार रही है।”

 

ABVP अकेले सबसे बड़े संगठन के रूप में स्थापित है – ललित पांडेय

अपनी जीत के पश्चात् लेफ्ट यूनिट के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एन साई बालाजी ने कहा ये जीत संघर्ष करने वालों की जीत है। उन्होंने कहा, ” सीट कट, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, लिंचिंग और जुमला के खिलाफ मैनडेट है। ABVP के वोट लगातार घटे हैं वे काउंसलर में हारे हैं। हार में जीत बता सकते हैं। उन्हें लोकतंत्र में विश्वास नहीं है।”

ABVP के उम्मीदवार ललित पांडेय ने अपनी हार के पश्चात कहा- “मैं इसे हार नहीं मानता हूं। ABVP अकेले सबसे बड़े संगठन के रूप में स्थापित है। लेफ्ट गिरोह बनाकर हमसे लड़ा। हम अभी भी लगातार आगे बढ़ रहे हैं। पिछली बार लेफ्ट के 3 संगठन साथ थे, इस बार हमारे डर से 4 संगठन को साथ आना पड़ा। यही हमारी जीत है।”

 

लेफ्ट यूनिटी और ABVP के पद और वोट

अध्यक्ष
एन साई बालाजी (लेफ्ट यूनिटी) – 2161
ललित पांडेय (एबीवीपी) – 982

उपाध्यक्ष
सारिका चौधरी (लेफ्ट यूनिटी) – 2692
गीताश्री बरुआ (एबीवीपी) – 1012

महासचिव
एजाज़ अहमद (लेफ्ट यूनिटी) – 2423
गणेश गुर्जर (एबीवीपी) – 1123

संयुक्त सचिव
अमूथा जयदीप (लेफ्ट यूनिटी) – 2047
वैंकट चौबे (एबीवीपी) – 1290

 

 

 

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