शार्ट सर्किट के कारण नॉएडा सेक्टर 12 के मेट्रो अस्पताल में लगी भीषण आग

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शार्ट सर्किट के कारण ICU में लगी थी आग

नोएडा के सेक्टर 12 में स्थित मशहूर अस्पताल मेट्रो अस्पताल में गुरूवार की दोपहर करीब 12 बजे भीषण आग लग गयी। यह आग अस्पताल की इमारत की दूसरी मंज़िल पर लगी थी। इस अस्पताल को एक जाने माने अस्पताल के तौर पर जाना जाता है। जानकारी के अनुसार यह आग शार्ट सर्किट के कारण लगी थी और यह आग सबसे पहले ICU में लगी थी। देखते ही देखते मेट्रो अस्पताल की ऊपरी मंज़िल में धुंआ-धुंआ हो गया और आग तेज़ी से फैलने लगी। जब आग लगी तो उस समय अस्पताल में करीब 60 से अधिक लोग वहां मौजूद थे। अस्पताल में आग की खबर सुनते ही वहां अफरा-तफरी मच गयी। ऐसे माहौल में जो मरीज चलने में समर्थ थे वे तो नीचे उतर कर आ गए परन्तु उस समय अस्पताल में ३ दर्जन से अधिक ऐसे लोग थे जो या तो ऑक्सीजन के सहारे थे या फिर चलने फिरने में असमर्थ थे।

जिस समय इस अस्पताल में आग लगी उस समय अस्पताल में कई ऐसे मरीज भी मौजूद थे जिनका ऑपरेशन चल रहा था लेकिन इस दुर्घटना के कारण उन्हें तुरंत बाहर निकाला गया। वहीं, घटना के दौरान अस्पताल में मौजूद गंभीर मरीजों को सेक्टर 11 में शिफ्ट किया गया। सेक्टर 11 में मेट्रो अस्पताल की ब्रांच भी है। वहां उपस्थित चश्मदीदों के अनुसार आग लगने की खबर सुनते ही अस्पताल की ऊपरी मंजिलों में फंसे मरीजों और उनके तीमारदारों को छोड़कर स्टाफ जान बचाने के लिए भागने लगा। गंभीर हालत में मरीज और उनके तीमारदारों को सहायता के लिए चीख पुकार करते देखा गया। जैसे-जैसे आग ने तेज़ी पकड़ी अस्पताल में धुंआ बढ़ता गया और अंदर फंसे लोग सहायता के लिए चीखने लगे।

 

शीशा तोड़कर जान बचने की कोशिश कर रहे थे लोग

अस्पताल की इमारत में धुंआ काफी बढ़ गया था जिससे जान बचाने के लिए लोग शीशा तोड़कर वहां से नीचे उतरते हुए दिखे। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि आग लगने के बाद अस्पताल में मौजूद आग बुझाने के यंत्र काम नहीं कर रहे थे। ऐसे में अस्पताल के प्रशासन पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े होते हैं। आग लगने के कारण अस्पताल में इतना धुआं हो गया था कि मरीजों को भी सांस लेने में बेहद मुश्किल हो रही थी। नोएडा के मुख्य दमकल अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि गुरुवार की दोपहर करीब 12 बजे विभाग को नोएडा के सेक्टर 12 में स्थित मेट्रो अस्पताल में आग लगने की सूचना मिली और आग बुझाने के लिए तुरंत दमकल की 8 गाड़ियों को भेजा गया।

नोएडा के मुख्य दमकल अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने कहा कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया था, फंसे हुए सभी लोगों को बाहर निकाल लिया गया था। उन्होंने बताया कि अस्पताल में आग लगने के समय करीब 66 मरीज भर्ती थे, जिन्हें रेस्क्यू करके बाहर निकाला गया और घटना के दौरान कोई भी मरीज घायल नहीं हुआ। इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अग्निशमन अधिकारियों ने अस्पताल में फंसे लोगों को बाहर निकला। बचाव कार्य के दौरान अग्निशमन अधिकारियों को आशंका थी कि जान बचाने के लिए कुछ लोग अस्पताल के ऊपरी मंजिलों में बाथरूम और स्टोर रूम में छुपे हो सकते हैं। इस कारण अग्निशमन अधिकारियों ने अस्पताल के एक-एक कमरे की तलाशी ली। बताया जा रहा है कि अस्पताल में आपात निकासी की कोई व्यवस्था नहीं थी। अब तक इस घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली और समय रहते आग पर काबू पा लिया गया।

 

उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर रजिस्ट्रेट द्वारा कराई जाएगी जाँच

गौतम बुध नगर जिले के जिलाधिकारी बी एन सिंह ने संवाददाताओं से के दौरान बातचीत में कहा कि अस्पताल में आग लगने की जांच उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर रजिस्ट्रेट द्वारा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आग लगने से मुख्य यह सवाल उठता है कि नोएडा के अन्य अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था ठीक है कि नहीं? उन्होंने कहा कि नोएडा के अन्य अस्पतालों की भी सुरक्षा मानकों को लेकर जांच की जाएगी। नॉएडा के जिलाधिकारी ने कहा कि मजिस्ट्रेट रिपोर्ट आने के बाद यदि उसमे यह पाया जाता है कि अस्पताल में सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं किया गया था, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ज्ञातव्य है कि नॉएडा के सेक्टर 12 स्थित मेट्रो अस्पताल की दूसरी मंजिल पर बृहस्पतिवार की दोपहर में भयंकर आग लग गई थी। आग तेज़ी से फैलने लगी और देखते- देखते आग ने पूरे अस्पताल को अपनी चपेट में ले लिया था। आग के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों में अफरा-तफरी मच गई तथा काफी देर तक अफरा तफरी का माहौल रहा। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

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