मोदी सरकार ने लिया सवर्ण जातियों को 10 फ़ीसदी आरक्षण देने का फैसला

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केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मोदी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

सोमवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मोदी सरकार ने एक बड़े फैसले का ऐलान किया। 2019 लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले नरेंद्र मोदी सरकार ने अब सवर्ण जातियों को भी 10 फ़ीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया है। मोदी सरकार के इस फैसले के अनुसार आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों के लिए नौकरी और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की जाएगी। यह आरक्षण मौजूदा 49.5 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था में बिना किसी छेड़छाड़ के दिया जाएगा। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है की मोदी सरकार मंगलवार को आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के लिए संविधान संशोधन बिल संसद में पेश कर सकती है। मंगलवार को ही संसद के शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन है।

पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के द्वारा SC/ST एक्ट में बदलाव करने के आदेश देने के पश्चात दलितों ने देश भर में काफी प्रदर्शन किया था। जिसके कारण केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला बदल दिया था। मोदी सरकार के इस फैसले के पश्चात् सवर्ण काफी नाराज़ हो गए थे। दलितों की तरह सवर्णों ने भी भारत बंद का आह्वान किया था।

 

सवर्णों को मिलेगा नौकरी और शिक्षा में आरक्षण का लाभ

दरअसल काफी समय से सवर्ण इस बात की मांग कर रहे थे कि आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को भी आरक्षण दिया जाए। आखिरकार सोमवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट कि बैठक में मोदी सरकार ने इस फैसले पर मुहर लगा दी। इस आरक्षण कि मांग बहुत समय से चल रही थी। इसमें सभी सवर्ण समाज ब्राह्मण, बनिया इसके अलावा ईसाई और मुस्लिम भी इसके दायरे में आएंगे। सरकार के इस फैसले के अनुसार जनरल कैटेगरी में जो भी लोग आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं, वो सरकारी नौकरी और शिक्षा में आरक्षण का लाभ ले पाएंगे। मोदी सरकार के इस फैसले से पहले सविधान में सवर्णों को किसी भी तरह का आरक्षण नहीं मिलता था।

अभी देश भर में 49.5 फ़ीसदी आरक्षण की व्यवस्था है। जिसके अंतर्गत अनुसूचित जाति के लिए 15 फीसदी, अनुसूचित जन जाति के लिए 7.5 फीसदी और ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था है। सरकार के इस फैसले के बाद सविधान में आरक्षण की सीमा 50.5 फीसदी हो जाएगी। सरकार इस आरक्षण को लागू करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन लेेकर आएगी। संविधान में इन्हीं दो अनुच्छेदों में संशोधन के बाद आर्थिक रूप से पिछड़े हुए सर्वणों को 10 फीसदी आरक्षण का लाभ मिल पाएगा।

 

इन लोगों को मिलेगा इस आरक्षण का लाभ

मोदी सरकार के द्वारा सवर्णों के लिए आरक्षण का जो फैसला लिया गया है उसके अंतर्गत इन सभी को मिलेगा लाभ :-

  • जिनकी सालाना आय 8 लाख से कम हो।
  • जिनके पास 5 हेक्टेयर से कम की खेती की जमीन हो।
  • जिनके पास 1000 स्क्वायर फीट से कम का घर हो।
  • जिनके पास निगम की 109 गज से कम अधिसूचित जमीन हो।
  • जिनके पास 209 गज से कम की निगम की गैर-अधिसूचित जमीन हो।
  • जो अभी तक किसी भी तरह के आरक्षण के अंतर्गत नहीं आते थे।

 

मोदी सरकार के फैसले पर नेताओं की प्रतिक्रिया

मोदी सरकार द्वारा सवर्णों के हित में लिए गए आरक्षण के फैसले पर कई नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया प्रकट की। कांग्रेस के अमी याज्ञनिक ने कहा कि इस प्रकार के आरक्षण में कई प्रकार कि दिक्कतें आ सकती हैं। अमी याज्ञनिक का कहना है कि मोदी सरकार का लोकसभा चुनाव से पहले इस प्रकार सवर्णों को आरक्षण देने का क्या मकसद है, यह भी देखना होगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बिल आने और पास होने में काफी समय लग सकता है। सरकार इस मुद्दे को लेकर सीरियस नहीं है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने मोदी सरकार द्वारा लिए गए इस बड़े फैसले को लेकर ट्वीट कर कहा – “चुनाव के पहले भाजपा सरकार संसद में संविधान संशोधन करे। हम सरकार का साथ देंगे। नहीं तो साफ़ हो जाएगा कि ये मात्र भाजपा का चुनाव के पहले का स्टंट है”।

सोमवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मोदी सरकार द्वारा लिए गए फैसले पर कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरीश रावत ने प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि “बहुत देर कर दी मेहरबां आते-आते”। जब चुनाव आता है तभी ऐसे फैसले लिए जाते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वो क्या करते हैं, क्या ‘जुमले’ देते हैं, इस सरकार को कोई नहीं बचा सकता है।

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